Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में शिशॠकी हलचल (बेबी मूवमेंट)| Pregnancy Me Baby Ki Movement
IN THIS ARTICLE
गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ का लात मारना मां को कब महसूस होता है? | Baby Ki Movement Kab Hoti Hai
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बचà¥à¤šà¥‡ की हलचल कितनी बार महसूस होती है?
सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ दर सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ मेरे शिशॠकी हलचल कैसी महसूस होगी?
शिशॠकी हलचल के बारे में तथà¥à¤¯
गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की हलचल महसूस न होने पर कà¥à¤¯à¤¾ करें?
मà¥à¤à¥‡ शिशॠकी हलचल के बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कब बात करनी चाहिà¤?
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठवह पल बेहद खास होता, जब उसे अपने गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की खबर मिलती है। वहीं, यह खà¥à¤¶à¥€ तब और बढ़ जाती है, जब उसे गरà¥à¤ में पहली बार अपने शिशॠकी हलचल महसूस होती है। कई गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को तो शिशॠकी पहली हलचल समà¤à¤¨à¥‡ में समय लग जाता है। अगर आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं और आपके मन में शिशॠकी हलचल को लेकर सवाल हैं, तो यह लेख आपके सवालों का जवाब है। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम गरà¥à¤ में शिशॠकी हलचल से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कà¥à¤› जरूरी जानकारियां देंगे।
आइà¤, लेख की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में जानते हैं कि पहली बार शिशॠकी हलचल कब महसूस होती है।
गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ का लात मारना मां को कब महसूस होता है? | Baby Ki Movement Kab Hoti Hai
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥‚ के कà¥à¤› महीनों तक शिशॠकी हलचल का गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को अहसास नहीं हो पाता। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 20वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के आसपास शिशॠका हिलना-डà¥à¤²à¤¨à¤¾ महसूस होता है। इसके अलावा, 24वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद से लगातार गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ के लात मारने को गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला महसूस कर सकती है (1)। चूंकि, इससे पहले शिशॠकाफी छोटा होता है, इसलिठउसकी गतिविधियों को पहचान पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है। à¤à¤¸à¥‡ में इन गतिविधियों को गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला कà¤à¥€-कà¤à¥€ गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ समठबैठती हैं। कई बार आपको पेट में सà¥à¤ªà¤‚दन-सा महसूस हो सकता है, जो शिशॠकी हलचल हो सकती है। अगर आप पहले à¤à¥€ मां बन चà¥à¤•ी हैं, तो इन अहसासों को आप समà¤à¤¨à¥‡ लगेंगी। वैसे, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° शिशॠकी लात का अहसास दूसरी और तीसरी तिमाही में होता है।
आगे जानते हैं कि शिशॠका हिलने-डà¥à¤²à¤¨à¥‡ का पता कब-कब चल सकता है।
वापस ऊपर जाà¤à¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बचà¥à¤šà¥‡ की हलचल कितनी बार महसूस होती है?
जब आप 20 से 24 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के (दूसरी तिमाही) बीच शिशॠकी हलचल महसूस कर लेंगी, तो इसके बाद आप इसे कई बार महसूस कर पाà¤à¤‚गी। हालांकि, जरूरी नहीं कि आप ये हलचल हर बार ही महसूस कर पाà¤à¤‚। खासतौर पर जब आप किसी काम में वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ होंगी, तब हो सकता है कि इस तरफ आपका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न जाठऔर शिशॠकी हलचल को पहचान न पाà¤à¤‚। तीसरी तिमाही में शिशॠजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤ हो जाता है और इसके अंत तक 2 घंटे में करीब 10 बार हलचल कर सकता है (2)। वहीं, पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शिशॠलगातार हलचल करता रहता है।
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में शिशॠकी हलचल सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹à¤µà¤¾à¤° बताया गया है।
वापस ऊपर जाà¤à¤
सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ दर सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ मेरे शिशॠकी हलचल कैसी महसूस होगी?
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दौर में शिशॠकी हलचल का अहसास कम होता है, लेकिन जैसे-जैसे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का समय बढ़ता जाता है, शिशॠलगातार हलचल करना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है। नीचे हम सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ दर सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के हिसाब से शिशॠकी हलचल के बारे में बता रहे हैं :
20 से 24वां सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ : इस दौरान सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ दर सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ शिशॠकी गतिविधियां बढ़ने लगेंगी। आपको महसूस होगा कि शिशॠदिन के समय जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गतिविधियां करता है। वहीं शाम के समय में हाथ-पैर चलता है।
24 से 28वां सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ : इस दौरान, शिशॠकी हिचकियों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना शà¥à¤°à¥‚ करें। जब शिशॠहिचकी लेगा, तो आपको धकà¥à¤•ा लगने जैसा महसूस होगा। इसके अलावा, शिशॠगरà¥à¤ में घूमता à¤à¥€ है और बाहर हà¥à¤ˆ तेज आवाज पर उछल à¤à¥€ सकता है।
29 से 31वां सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ : इस सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक शिशॠकी हलचल कम होने लगेगी, लेकिन जब à¤à¥€ हलचल होगी, बिलà¥à¤•à¥à¤² सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होगी। इस दौरान शिशॠकी हलचल इसलिठकम होती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशॠके आकार में वृदà¥à¤§à¤¿ होने के चलते गरà¥à¤ में जगह कम पड़ने लगती है। इस अवधी तक शिशॠकरीब 14 इंच का हो जाता है (3)। यही कारण है कि उसे हाथ-पैर मारने के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जगह नहीं मिल पाती।
32 से 35वां सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ : इस दौरान, शिशॠकी हलचल तेज महसूस होगी, लेकिन गतिविधियों की संखà¥à¤¯à¤¾ कम होने लगेगी।
36वां सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ : इस समय तक शिशॠका सिर घूमकर नीचे की ओर आ जाता है।
आइà¤, अब शिशॠकी हलचल से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ कà¥à¤› फैकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ के बारे में जानते हैं।
वापस ऊपर जाà¤à¤
शिशॠकी हलचल के बारे में तथà¥à¤¯
गरà¥à¤ में शिशॠका लात मारना à¤à¤• ननà¥à¤¹à¥€-सी जान का आपके अंदर होने का अहसास कराता है। इसके अलावा, शिशॠकी हलचल इस बात का à¤à¥€ पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ होती है कि गरà¥à¤ में वह सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है और उसका विकास अचà¥à¤›à¥‡ से हो रहा है। नीचे हम शिशॠकी हलचल से संबंधित कà¥à¤› तथà¥à¤¯ शेयर कर रहे हैं :
बाहर की गतिविधियों पर शिशॠपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देता है : जी हां, गरà¥à¤ में पल रहा शिशॠबाहर हो रही गतिविधियों पर लात मारकर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देता है। बाहर जो आवाज हो रही है, आप कà¥à¤¯à¤¾ खा रही हैं, इन सब पर शिशॠहलचल के जरिठपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देता है। à¤à¤¸à¥‡ में कà¤à¥€ हाथ चलाना, तो कà¤à¥€ पैर मारने की गतिविधियां शिशॠकर सकता है।
धà¥à¤µà¤¨à¤¿ पर शिशॠकी हलचल : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 20वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में शिशॠहलà¥à¤•ी-हलà¥à¤•ी धà¥à¤µà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ सà¥à¤¨ सकता है। वहीं, सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बढ़ते-बढ़ते वह ऊंची धà¥à¤µà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ लगता है (4)। इससे पता चलता है कि शिशॠसà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ तरीके से गरà¥à¤ में विकसित हो रहा है।
खाने पर शिशॠकी हलचल : गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला जो à¤à¥€ खाती है, à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ की वजह से शिशॠउसके सà¥à¤µà¤¾à¤¦ को समà¤à¤¨à¥‡ लगता है। सà¥à¤µà¤¾à¤¦ पसंद आने पर या न पसंद आने पर शिशॠपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देता है।
à¤à¤• तरफ लेटने से शिशॠकी हलचल बढ़ती है : गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के लेटने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ शिशॠकी हलचल को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। जब गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला बाईं तरफ करवट लेकर लेटती है, तो उस समय शिशॠकी हलचल जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। à¤à¤¸à¤¾ रकà¥à¤¤ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बढ़ने के कारण होता है। आप अपने आराम के लिठà¤à¤• तरफ करवट लेकर पैरों के बीच तकिया लगाकर लेट सकती हैं। इससे आपको आराम महसूस होगा (5)।
28वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में हलचल कम होना हो सकती है परेशानी : 28वां सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ यानी तीसरी तिमाही में शिशॠका हिचकी लेना महसूस हो सकता है। हो सकता है डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको शिशॠकी हलचल गिनने के लिठकहें। à¤à¤¸à¥‡ में आप रोजाना शिशॠकी हलचल को गिनें। आप पाà¤à¤‚गी कि किसी à¤à¤• समय पर शिशॠकी हलचल काफी बार होगी। अगर आपको कà¥à¤› दिनों बाद उस समय पर शिशॠकी हलचल कम होती होती नजर आà¤, तो à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• कर लें (6)।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आखिरी दिनों में हलचल कम होना सामानà¥à¤¯ है : आखिरी दिनों में à¤à¥à¤°à¥‚ण पूरी तरह विकसित हो जाता है और उसे हलचल करने के लिठकम जगह मिलती है, इसलिठउसकी हलचल कम होना बिलà¥à¤•à¥à¤² सामानà¥à¤¯ है। à¤à¤¸à¥‡ में आपको इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
वापस ऊपर जाà¤à¤
गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की हलचल महसूस न होने पर कà¥à¤¯à¤¾ करें?
अगर आपको गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के 24वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक शिशॠकी कोई हलचल महसूस न हो, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। वहीं, अगर आपको लगे कि शिशॠके हलचल करने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कम हो रही है, तो यह चिंता का कारण हो सकता है। इस बात पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि अगर गरà¥à¤ में शिशॠ28वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक बहà¥à¤¤ कम हलचल कर रहा है, तो à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• कर लें (3)। à¤à¤¸à¥‡ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपकी जांच करेंगे और शिशॠकी हलचल न होने के कारण का पता लगाà¤à¤‚गे।
वापस ऊपर जाà¤à¤
मà¥à¤à¥‡ शिशॠकी हलचल के बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कब बात करनी चाहिà¤?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आपको शिशॠकी हलचल पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की सलाह दी जाती है। अगर आपको निमà¥à¤¨ में से कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ नजर आà¤à¤‚, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करने में देरी नहीं करनी चाहिà¤, जैसे :
अगर आप दो घंटे से करवट लेकर लेटी हैं, तब à¤à¥€ दस या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार हलचल महसूस न हो, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करनी चाहिà¤à¥¤
अगर बाहर बहà¥à¤¤ तेज शोर हो रहा है, तब à¤à¥€ आपको किसी तरह की हलचल महसूस न हो, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤ में पल रहे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° शिशॠबाहर होने वाले शोर-गà¥à¤² पर हलचल करके पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देते हैं।
नोट : अगर शिशॠकम हलचल कर रहा है, तो शिशॠको पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ न मिलना à¤à¤• कारण हो सकता है। अगर डॉकà¥à¤Ÿà¤° को à¤à¤¸à¥‡ कोई लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं, तो शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की ठीक से जांच की जा सकती है।
वापस ऊपर जाà¤à¤
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
गरà¥à¤ में शिशॠकी कम गतिविधि होने को कब गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से लें?
अगर शिशॠकी गतिविधियों में तेज़ी से कमी आई है या फिर वह कई दिनों से हलचल कम रहा है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। इसके अलावा, अगर आपका शिशॠबाहर होने वाले शोर पर बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नहीं दे रहा है, तो à¤à¤¸à¥‡ में आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
शिशॠकी हलचल कम है, तो इसका मतलब है कि मेरा बचà¥à¤šà¤¾ बीमार है?
शिशॠकी हलचल कम होने का मतलब जरूरी नहीं कि वह बीमार हो। अगर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आखिरी दिन चल रहे हैं, तो à¤à¤¸à¤¾ होना सामानà¥à¤¯ है। वहीं, अगर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बीच के समय की बात करें, तो ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ के अà¤à¤¾à¤µ में शिशॠहलचल कम कर सकता है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
रात को गरà¥à¤ में शिशॠजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है?
गरà¥à¤ में शिशॠका हरकत करने का समय अलग-अलग हो सकता है। दिन के समय आप आप जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤ रहती हैं और गतिविधियां करती रहती हैं। इसलिà¤, जब आप रात के समय आराम की अवसà¥à¤¥à¤¾ में आ जाती हैं, तो शिशॠशांति के माहौल में सकà¥à¤°à¤¿à¤ होने लगता है और लात मारता है।
अगर मेरा बचà¥à¤šà¤¾ लात नहीं मार रहा है, तो मà¥à¤à¥‡ कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤?
अगर आपको लगे कि बचà¥à¤šà¤¾ गरà¥à¤ में लात नहीं मार रहा है या उसकी उसकी हलचल कम हो गई है, तो घबराà¤à¤‚ नहीं। आप आराम से बैठें और शांत हो जाà¤à¤‚। कà¥à¤› मीठा या ठंडा पेय पदारà¥à¤¥ का सेवन करें और अपने पैरों को ऊपर करें। ठंडे और मीठे के अहसास से आपका शिशॠहलचल करना शà¥à¤°à¥‚ कर सकता है। à¤à¤¸à¤¾ करने से आपका शिशॠहिचकी, कलाबाजी या लात मारने जैसी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दे सकता है।
किस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में मैं अपने बचà¥à¤šà¥‡ के हलचल या किक महसूस नहीं कर सकती?
à¤à¤¸à¤¾ बहà¥à¤¤ बार होता है जब आप शिशॠकी हलचल नहीं महसूस कर पाà¤à¤‚गी। नीचे हम कà¥à¤› कारण बता रहे हैं जब शिशॠकी हलचल आपको महसूस नहीं हो पाà¤à¤—ी :
जब आप किसी काम में वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ होंगी, तो बचà¥à¤šà¥‡ की हलचल को पहचाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होगा।
जब बचà¥à¤šà¤¾ पूरी तरह विकसित हो जाà¤à¤—ा, तो उसे गरà¥à¤ में किक मारने की जगह नहीं मिल पाà¤à¤—ी।
अगर अपरा (placenta) आगे की तरफ आ जाती है, तो इससे शिशॠकी हलचल कम हो सकती है। इसे | à¤à¤‚टीरियर पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा | कहा जाता है। हालांकि, यह चिंता का विषय नहीं है, यह बिलà¥à¤•à¥à¤² सामानà¥à¤¯ है।
वापस ऊपर जाà¤à¤
इस लेख में हमने गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान होने वाली शिशॠकी हलचल से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कà¥à¤› जरूरी बातें की, जिनका जानना हर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के लिठजरूरी है। हम उमà¥à¤®à¥€à¤¦ करते हैं कि इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ सà¤à¥€ सवालों के जवाब आपको मिल गठहोंगे। साथ ही इस लेख को अपने परिचितों के साथ à¤à¥€ जरूर शेयर करें।
| --------------------------- | --------------------------- |